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Bard vs Chat GPT | गूगल बार्ड और चैट जीपीटी

Bard vs Chat GPT  गूगल बार्ड और चैट जीपीटी 

bard vs chat gpt

 गूगल बार्ड AI और चाट GPT AI दोनों ही भाषा उत्पादन के लिए अभिकल्प  है लेकिन दोनों में अंतर होता है। 

चाट GPt एक खुला स्त्रोत समाधान  है जो सामानय उपयोगकताओं के लिए बनाया गया है। इसमें वाणीजीक विगणिक चिकित्सा और अन्य छेत्रो के लिए विभिन भासाओ में उपलब्ध है और स्वतंत्रा से उपयोगकता द्वारा उसे प्रसिच्छित किया जा सकता है 

वही, गूगल बार्ड एक विशिष्ट उधोग के लिए बनाया गया है, जो आवस्यकता के अनुसार उनकी जाँच और अध्ययन के लिए इस्तेमाल कर सकते है।  गूगल बार्ड विशिष्ट डोमेन के लिए एक ट्यून्ड मॉडल होता है जो केवल इस डोमेन में बेटर प्रदशन करता है। 

इन दोनों में अंतर होता है की चाट जीपटी आई एक खुला स्त्रोत समाधान है जबकि गूगल बार्ड आई एक प्रोप्राइटरी समाधान है जिससे केवल उस उधोग के लिए विकसित किया गया है। 

इसके आलावा गूगल बार्ड आई में अथिक विशेषगता होती है जो उन्हें अपने निदर्शको के लिए उनकी आव्सय्कताओ के अनुसार सामग्री ढूढ़ने में मदद करती है। वही चाट जीपटी आई उपयोगकताओं के लिए एक खुला स्त्रोत समाधान होने के कारण उन्हें अपने सव्य के उदेस्यो के अनुसार उसे प्रसिच्छित करना होगा। 

दुरी तरफ गूगल बार्ड आई में विशेर्ष रूप से इतिहास की डेटा शामिल होती है जो इसे अथिक पूण और सटीक बनती है। चाट ग प टी आई में भी डेटा होती है लेकिन उसमे कुछ अनिजिचततायें भी होती है क्योकि यह उपयोगकता द्वारा प्रसिच्छित होता है। 

अत में, चाट जीपीटी आई एक सामान्य उपयोगकता के लिए उपलब्ध है जबकि गूगल बार्ड आई विसेश्ज्ञो या उधोगो के लिए बनाया गया है। 

तो यह जब देखते हुए आप अपनी आव्सय्कताओ और सदस्यों के अनुसार एक उपयुक्त समाधान चुन सकते है। 

एक और मुख अंतर बिच गूगल बार्ड आई और चाट जीपीटी आई में यह है की गूगल बार्ड आई उधोग के विभिन झेत्रो के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, जैसे की स्वास्थ्य देखभाल, वित्तीय सेवाएं अभिनव प्रियोजनाय विज्ञानं और तकनिकी और अन्य उधोगो के लिए। इसके विपरीत चाय जीपीटी आई उपयोगकर्ताओ के लिए उपलब्ध है जो अपनी व्यक्तिगत आव्सय्कताओ और उदेस्यो के अनुसार इसका उपयोग क्र सकते है। 

इसके आलावा गूगल बार्ड आई और चाट जीपीटी आई दोनों वे सबसे तकनीकों का उपयोग कर सके।  यहाँ अपग्रेड करने के कुछ कारण शामिल है :

बेहतर समझौता: मॉडल में सुधार करने के लिए अनुसन्धानकताओ द्वारा मॉडल के समझौता को संशोधित किया जाता है। 

अथिक सामग्री: बड़े डेटासेट और उन्त्नत ट्रेनिंग तकनीकों का उपयोग करके अथिक सामग्री जोड़ी जाती है। 

समय के साथ सुधर; समय के साथ माडलो को उन्त्नता होने के लिए लगातार सुधार करना होता है। 

उपयोगकता फीडबैक; उपयोगकताओं के फीडबैक को सबोधित करके मॉडल में सुधार किये जाते है। 

इन सभी अपग्रेड के बावजूद यह एक दिलचस्प विषय है की क्या अगले कुछ सालो में हम और अथिक उन्त्नता आई मॉडल देख सकते है जो हम और बेहतर रूप से सहायता कर सकते है। 

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